-छबि छंद-


-छबि छंद-
छबि  ला सवार । आठे मझार
चारो समान । छबि के प्रमान

जगणे पदांत । चरणे समांत
लिखही ‘रमेश‘ । सुमरत गणेश

जइसे-
हे वेद व्यास । करवँ अरदास
मन भर उजास । मोर बड आस
लेत प्रभु नाम । करवँ शुरू काम
जगत पति श्याम । करय मन धाम
देव शुक पाँव । माथे नवाँव
महिमा सुनाव । श्रीहरि लखाव
शारद मनाँव । मूरत बसाँव
मेटव अज्ञान । हृदय भर ज्ञान

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